संत कबीर साहेब


                    संत कबीर साहेब

आज हम एक महान संत और कवि कबीर साहिब के व्यक्तित्व  को जानने की कोशिश करेंगे।  क्योंकि आज समाज में  लोग  कबीर साहिब के प्रति अलग-अलग विचारधारा रखते है। कोई उन्हें भगवान कहता है..!!
कोई उन्हें कवि कहता है..!!
और कोई तो आज के रूढ़ीवादी समाज पर कटाक्ष करने वाला संत कहते हैं...!!

परंतु असलियत तो यही है कि वह पूर्ण परमेश्वर थे। जो इस समाज को एक कवी के माध्यम से भगवान और सत भक्ति से परिचित करवाने आए थे। और यह कार्य उन्होंने आज से 600 वर्ष पूर्व बखूबी किया है। परंतु उस समय का अशिक्षित और रूढ़िवादी समाज उस पूर्ण परमात्मा को नहीं समझ पाया।  कबीर साहिब उस समय के समाज में प्रचलित रूढ़ीवादी रीति रिवाज जो हमें भक्ति और भगवान से दूर कर रहे थे उनका घोर विरोध किया। तथा उन्होंने शास्त्र अनुसार सद्भक्ति से लोगों को परिचित करवाने  का प्रयास किया।

कबीर साहेब के विचार उस समय के पंडितों और मौलवियों को खासा परेशान करते थे क्योंकि आज के समय में जितनी भी पाखंड क्रियाएं हैं। वह सभी इन्हीं पंडित और मौलवियों की देन है।
परंतु इसके बावजूद भी वे एक सांप्रदायिक विशेष के लिए नहीं रह कर पूरे मनुष्य समुदाय के लिए समाज सुधारक का कार्य किया।

कबीर साहब कहते थे ब्रह्मा विष्णु महेश अजर अमर नहीं है इनका भी जन्म और मृत्यु होती है।  और यह श्रीमद्भागवतदेवी पुराण के तीसरे स्कंध में स्पष्ट होता है कि ब्रह्मा विष्णु महेश अजर अमर नहीं है।

परमेश्वर कबीर साहेब का वेदों और शास्त्रों में प्रमाण
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ऋज्ञवेद मण्डल न. 9 सूक्त 86 मन्त्र 26 में कहा है कि  वह पूर्ण परमात्मा अपने निज लोक से गति करता हुआ आता है सशरीर पृथ्वी पर आता है, नेक आत्माओ को मिलता है।भक्तो के संकटो का नाश करता है। तथा उसका नाम कविर्देव अर्थात कबीर परमेश्वर है।

और कबीर साहेब स्वयं सतलोक से चलकर इस पृथ्वी लोक पर आएं तथा उन्होंने बहुत सी पुण्य आत्माओं को अपने ज्ञान से परिचित करवाया जैसे नानक साहब, गरीब दास जी महाराज, दादू दयाल जी, रविदास जी, मीरा बाई  ऐसी बहुत सी पवित्र आत्माएं हैं जिनको कबीर साहिब ने अपने ज्ञान से परिचित करवा कर उनका पूर्ण मोक्ष करवाया।



ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 में स्पष्ट है कि वह पूर्ण परमात्मा कभी मां के पेट से जन्म नहीं लेता तथा उनका पालन-पोषण  कुंवारी गाय के दूध से होता है और इस तरह की लीला करने वाले एक मात्र पूर्ण परमेश्वर कबीर साहेब जी हैं उनके अतिरिक्त इस ब्रह्मांड में कोई और नहीं..!!! और इससे स्पष्ट होता है कि कबीर साहिब पूर्ण परमात्मा है।


पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब में पृष्ठ 24 महला 1 में कहा है कि 
फाई सूरत मलूकि वेश, उह ठगवाड़ा ठगी देश।
 खरा सिआना बहुता भार, धानक(कबीर) रूप रहा करतार।।
अर्थात वह पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब काशी नगर में धानक रूप में रहा करते थे और वही पूर्ण परमात्मा है।

परमेश्वर के वेदों में प्रमाण जानने के लिए यह वीडियो अवश्य देखें
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सभी पवित्र धर्मों के पवित्र शास्त्रों के आधार पर प्रमाणित है कि भगवान तो सिर्फ कबीर साहेब भी हैं।  तथा परमेश्वर कबीर साहिब ने 600 वर्ष पूर्व काशी में अनेक लीलाएं की थी।

600 वर्ष पूर्व कबीर परमेश्वर की लीलाएं 👇👇




जिन पवित्र आत्मा को कबीर साहिब मिले तथा उन्हें सतलोक ले जाकर अपने निज स्थान से परिचित करवाया तथा मोक्ष का सही मार्ग बताया। उन्होंने कबीर साहेब के बारे ने कहा👇👇

 संत गरीबदास जी महाराज :-
हम सुल्तानी नानक तारे, दादू को उपदेश दिया।
जात जुलाहा भेद न पाया, काशी माहे कबीर हुआ।।

अनंत कोटी ब्रह्मांड का एक रत्ती नहीं भार।
अदली असल कबीर है, कुल के सिरजनहार।।

दादू दयाल जी :-
जिन मोकू निज नाम दिया,वही सतगुरु हमार।
दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सिरजनहार।।

और संत सब कूप है केते झरिता नीर।
दादू अगम अपार है दरिया सत्य कबीर।।

नानक देव जी : -
खालक आदम सिरजिआ,आलम बड़ा कबीर।
क़ाइम दाइम कुदरती, सिर पीरा दे पीर।

स्वयं परमेश्वर कबीर साहिब ने अपने बारे में लिखा है :-

अवधू अविगत से चलि आया।
मेरा कोई भेद मर्म ना पाया।।

ना मेरा जन्म ना गर्भ बसेरा, बालक बन दिखलाया।
काशी नगर जल कमल पर डेरा, तहां जुलाहे कूं पाया।।

मात-पिता मेरे कछु नाहीं, ना मेरे घर दासी(पत्नी)।
जुलहे को सूत आन कहाया, जगत करे मेरी हासी।।


उपरोक्त विवरण से स्पष्ट है कि कबीर साहिब पूर्ण परमात्मा थे तथा वे हमें इस मानव समाज को सद्भक्ति और पूर्ण मोक्ष का मार्ग दिखाने आए थे तथा आज का यह शिक्षित समाज यदि शास्त्रों के आधार पर सत भक्ति करे तो पूर्ण मोक्ष निश्चित है परंतु आज इस रूढ़ीवादी और परंपरावादी समाज में पाखंड वाद इतना ज्यादा फैला हुआ है कि साधारण मनुष्य का इन परंपराओं से निकल कर सत भक्ति की और आना इतना आसान नहीं है। इसके लिए हमें एक सद्गुरु की आवश्यकता है जो हमें उस ज्ञान से परिचित करवाएं जो एक मनुष्य जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है और आज के समय में ऐसे सतगुरु सिर्फ संत रामपाल जी महाराज ही हैं।

संत रामपाल जी महाराज तथा सद्भक्ति के बारे में जानकारी के लिए अवश्य देखें सत्संग👇👇


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