Who Is God ?
Who Is God ?
सर्व मानव समाज के लिए और पूरे विश्व के लिए भगवान सिर्फ एक है। परंतु आज हम उस एक भगवान को शास्त्र ज्ञान के अभाव में जान नहीं पा रहे हैं। और इसका परिणाम भी हमें भुगतना पड़ रहा है कि आज हम इतने देवी देवताओं की भक्ति करने के बाद भी अत्यंत दुखी है..!!
यह बहुत ही विचारणीय मुद्दा है कि हमारे लिए आखिर वह एक पूर्ण परमात्मा कौन है..?
जो अविनाशी है...!!
जो हमें संपूर्ण सुख प्रदान कर सकता है...!!
जो हमें पूर्ण रूप से मोक्ष प्रदान कर सकता है...!!
और आज हम उन्हीं के बारे में जानेंगे
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दरअसल वह एक पूर्ण परमात्मा जो वेद, कुरान, बाइबल श्रीमद्भगवद्गीता अर्थात सभी धर्म की पवित्र पुस्तकों में प्रमाणित है।
उस पूर्ण परमात्मा का नाम "कबीर साहेब" है...!!
जो आज से 600 वर्ष पूर्व इसी धरती पर एक कवि के रूप में प्रकट हुए थे। तथा उन्होंने अनेकों चमत्कार एवं लीलाएं की थी। जो आज भी चर्चा का विषय है..!!
कबीर ही पूर्ण परमात्मा है।
अवश्य जाने वेदों में प्रमाणित ज्ञान
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1. यजुर्वेद अध्याय 5 मन्त्र 32 में लिखा है कि जो परम सुखदायी, पाप का नशा कर सकता है, जो बंधनो का शत्रु अर्थात बन्दी छोड़ है, वह "कविरसि" कबीर है। स्वयं प्रकाशित अर्थात तेजोमय शरीर वाला सत्यलोक में निवास करता है।सब भगवानों का भगवान अर्थात सर्वशक्तिमान सम्राट यानि महाराजा है।
2. ऋज्ञवेद मण्डल न. 9 सूक्त 86 मन्त्र 26 में कहा है कि अपने निज लोक से गति करता हुआ आता है सशरीर पृथ्वी पर आता है, नेक आत्माओ को मिलता है।भक्तो के संकटो का नाश करता है। उसका नाम कविर्देव अर्थात कबीर परमेश्वर है।
(टिप्पणी :- यजुर्वेद अ. 36 मन्त्र 1 में यजु: का अर्थ यजुर्वेद किया है अतः कविर(कवि:) का अर्थ कविर्देव लिखना तर्कसंगत है।)
{ ऋज्ञवेद मण्डल न. 9 सूक्त 86 मन्त्र 27 में लिखा है कि परमात्मा द्युलोक(सतलोक) के तीसरे पृष्ठ पर विराजमान है। अर्थात परमात्मा एकदेशीय है और साकार है और सतलोक में विराजमान है।}
3. ऋज्ञवेद मण्डल न. 9 सूक्त 96 मन्त्र 17 में कहा है परमात्मा स्वयं पृथ्वी पर प्रकट होकर तत्वज्ञान प्रचार करता है।कविर्वाणी (कबीर वाणी) कहलाती है। सत्य आध्यात्मिक ज्ञान (तत्वज्ञान) को कबीर परमात्मा लोकोक्तियों, दोहों, शब्दो, चौपाइयों व कविताओं के रूप में पदों में बोलता है।
4. ऋज्ञवेद मण्डल न. 9 सूक्त 94 मन्त्र 1 में कहा है कि परमात्मा पृथ्वी पर कवियों की तरह आचरण करता हुआ विचरण करता है।
ऋगवेद मण्डल 9 सूक्त 96 मन्त्र 17 से 20 में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा कविर्देव (कबीर परमेश्वर) शिशु रूप धारण करके प्रकट होता है तथा अपना निर्मल ज्ञान अर्थात तत्वज्ञान (कविर्गीर्भी:) कबीर वाणी के द्वारा अपने अनुयायियों को बोल-बोल कर वर्णन करता है। वह कविर्देव ब्रह्म के धाम तथा परब्रह्म के धाम से भिन्न जो पूर्ण ब्रह्म का तीसरा ऋतधाम (सतलोक) है, उसमे आकार रूप में विराजमान है तथा सतलोक से चौथा अनामी लोक है उसमें भी यही कविर्देव अनामी पुरुर्ष के रूप में मानव सदृश आकार में विराजमान है।
ऋगवेद मण्डल 9 सूक्त 1 मन्त्र 9 में कहा है कि जिस समय अमर पुरुष (सोम) जी शिशु रूप में पृथ्वी पर प्रकट होते है तो उनकी पोषण की लीला (व्यवस्था) कंवारी गायों द्वारा होती है।
उपरोक्त प्रमाणों से स्पष्ट है कि परमात्मा कबीर साहेब है और यह प्रमाण हमारे पवित्र वेदों में से लिए गए हैं इसके अतिरिक्त कुरान में उस परमात्मा को कबीरन अथवा खबीरन् नामों से संबोधित किया गया है।
बाइबल में उस परमात्मा को "ऑलमाइटी गॉड कबीर" कहा गया है..!!
ऑलमाइटी अर्थात वह परमात्मा सर्व शक्तिशाली है और अविनाशी है।
आज के समय में बहुत से पाखंडी गुरु और धर्मात्माओं द्वारा वेदों को नहीं समझ पाने की वजह से हमें उल्टा और बेवजह का पाखंडी जान बताकर वेदों और शास्त्रों के विरुद्ध साधना करवा दी है.!!
जिससे हमारे दुख कम होने की बजाय बढ़ते जा रहे हैं। परन्तु आज एक शिक्षित समाज को विचार करके समझना चाहिए कि आखिर हम पढ़े लिखे हो कर भी क्यों हमारे वेद शास्त्रों को आंखों से देखकर नहीं समझ लेते हैं...!!!!
तथा इस पाखंड और रूढ़ीवादी नीतियों से भरे इस समाज से बाहर निकल कर उस पूर्ण परमात्मा को पहचानने की कोशिश करें जो हमें पूर्ण सुख प्रदान कर सकता है।
वेद शास्त्रों के ऐसे ही गूढ़ रहस्यों के लिए अवश्य देखें साधना टीवी चैनल शाम 7:30 से 8:30 तक
On the basis of our spiritual scriptures it is certified that real and Supreme god is only and only Kabir. And the God Kabir can kill our sins and give us salvation.
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